सुप्रीम कोर्ट के आदेश से शिक्षा मित्रों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। शिक्षामित्रों का कहना है कि गत वर्ष शुरू हुई 69 हजार शिक्षकों की भर्ती को यदि 40-45 प्रतिशत कटऑफ के आधार पर पूरा किया जाए, तो जिले के शिक्षामित्रों को लाभ होगा।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षक भर्ती विवादों में घिरी नहीं हैं। शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने के बाद उन्हें नियमित प्रक्रिया अपनाकर शिक्षक के रूप में भर्ती करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उनका शिक्षक बनने का सपना अधूरा ही रह गया। शिक्षामित्र नेता लियाकत बताते हैं कि पूर्व में 68500 शिक्षक भर्ती की गई थी, लेकिन इससे शिक्षामित्रों को कोई लाभ नहीं मिला। सरकार ने करीब 27 हजार पद रिक्त छोड़ दिए। इसके बाद पिछले साल 69000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन इसका परिणाम आज तक जारी नहीं हुआ है। परीक्षा हो जाने के बाद कटऑफ घोषित करने को लेकर विवाद न्यायालय में चला गया। उन्होंने बताया कि यदि सरकार इस भर्ती को 40-45 प्रतिशत कट ऑफ के आधार पर पूरा करे, तो जिले के करीब 400 शिक्षामित्रों को लाभ मिल सकता है। उन्होंने बताया कि जनपद में लगभग 1100 शिक्षामित्र हैं। सभी शिक्षक बनने के इंतजार में है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षामित्रों को कुछ उम्मीद जगी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से शिक्षामित्रों को राहत मिलने की उम्मीद जगी